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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पाई जाने वाली मिरà¥à¤—ी कई पà¥à¤°à¤•ार की हो सकती है, जनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ पहचाना नहीं जाता है। पहचानने में परेशानी की कई कारण हैं, जैसे :
(१) बचà¥à¤šà¥‡ में अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾
(२) अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤•ों में जानकारी का आà¤à¤¾à¤µ
(३) मिरà¥à¤—ी के कà¥à¤› दौरों का कà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• à¤à¤µà¤‚ सूकà¥à¤·à¥à¤® सà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¤µà¤‚
(४) मिरà¥à¤—ी के समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ में पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ गलत धारणाà¤à¤
कà¥à¤› उदाहरण : à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ में दो महीने की आयॠमें à¤à¤• तरफ के हाà¤à¤¥-पांव में कà¥à¤› कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के लिठखिंचाव आता था। चूंकि यह बहà¥à¤¤ थोड़े समय (कà¥à¤› सेकेणà¥à¤¡à¥‹à¤‚) के लिठरहता था और बचà¥à¤šà¥‡ को जब तक माठगोद में लेती थी तब तक समापà¥à¤¤ हो जाता था, वे समà¤à¤¤à¥‡ रहे बचà¥à¤šà¤¾ किसी कारणवश डर रहा है। पर वही बचà¥à¤šà¤¾ आठमहीने की उमà¥à¤° तक गरà¥à¤¦à¤¨ à¤à¥€ नहीं संà¤à¤¾à¤² पाया तो उसे चिकितà¥à¤¸à¤• के पास ले जाया गया और चिकितà¥à¤¸à¤• ने मिरà¥à¤—ी पहचान कर उसकी दवा शà¥à¤°à¥‚ की। अतः हम देख सकते हैं कि जानकारी के अà¤à¤¾à¤µ में, मिरà¥à¤—ी का इलाज समय से न शà¥à¤°à¥‚ कर पाने के कारण बचà¥à¤šà¥‡ का विकास किस तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो गया।
à¤à¤• दूसरा उदाहरण, à¤à¤• आठसाल के बचà¥à¤šà¥‡ का है, जो कà¥à¤› समय पहले तक पढ़ाई इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ में बहà¥à¤¤ होशियार था। कà¥à¤› दिनों से यह देखा जाने लगा कि वह कà¥à¤› कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के लिठअपने वातावरण से कट सा जाता जैसे बोलते-बोलते बीच में हठातॠबिना वजह रूक जाना और फिर कà¥à¤› देर बाद वहीं से बात शà¥à¤°à¥‚ करना जहाठसे वह रूक गया था। इस दौरान उसकी आà¤à¤–े à¤à¤•टक रहती थीं और मà¥à¤‚ह खà¥à¤²à¤¾ रहता था। à¤à¤¸à¥‡ दौरे उसे दिन में अनेकों बार पड़ते थे। पढ़ाई में उसकी कमजोरी को बचà¥à¤šà¥‡ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं देना समà¤à¤¾ गया और बचà¥à¤šà¥‡ को अकà¥à¤¸à¤° डाà¤à¤Ÿ-फटकार पड़ती रही। यह सिलसिला उस समय तक चला जब तक कि उसकी माठने दूरदरà¥à¤¶à¤¨ पर मिरà¥à¤—ी के लकà¥à¤·à¤£ के बारे में कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® नहीं देख लिया। इलाज करवाने से अब यही बचà¥à¤šà¤¾ पहले की तरह फिर पढ़ाई में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगा पा रहा है।
इन दो उदाहरणों से यह बात सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो जाती है कि मिरà¥à¤—ी के दौरों को पहचानने के लिठअà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤•ों को सही जानकारी की जरूरत है। सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी के दौरे निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं:[1]
सामानà¥à¤¯à¥€à¤•ृत तानी अवमोटन मिरà¥à¤—ी (Generalized Tonic Clonic Epilepsy)
इसे 'बड़ी मिरà¥à¤—ी' à¤à¥€ कह सकते हैं। इसमें बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤•ा-à¤à¤• बेहोश हो जाता है और शà¥à¤°à¥‚ में शरीर की तमाम मांसपेशियाठअकड़ जाती हैं जिसके चलते उसके मà¥à¤‚ह से चीख जैसी आवाज निकलती है, कà¤à¥€-कà¤à¥€ जीठकट जाती है, पेशाब आ जाता है और बचà¥à¤šà¤¾ जमीन पर गिर जाता है। इसके बाद पूरे शरीर में मिरà¥à¤—ी के à¤à¤Ÿà¤•े या खिंचाव आने लगते हैं, और मà¥à¤‚ह से à¤à¤¾à¤— निकलता है। यह दौरा आम तौर से à¤à¤•-दो मिनट तक रहता है फिर बचà¥à¤šà¥‡ को थोड़ी देर तक बेहोशी सी छाई रहती है, या वह सो जाता है उसे इस दौरान थकान लगती है सिर या शरीर में दरà¥à¤¦ होता है और कमजोरी लगती है।
खोयी मिरà¥à¤—ी (Absence Epilepsy)
इस पà¥à¤°à¤•ार की मिरà¥à¤—ी के दौरान कà¥à¤› सेकेणà¥à¤¡à¥‹à¤‚ में लिये बचà¥à¤šà¥‡ की नजर सà¥à¤¥à¤¿à¤° हो जाती है, जैसे कि कहीं खो सा गया है। साथ में आंखों की पलकें तेजी से à¤à¤ªà¤•ने लगती हैं, पà¥à¤¤à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ à¤à¤• तरफ उठजाती है और मà¥à¤‚ह की तरफ देखने से लगता है जैसे वह कà¥à¤› चबा रहा है। यदि बचà¥à¤šà¥‡ के हाà¤à¤¥ में कोई चीज है तो वह गिर सकती है। उस दौरान बचà¥à¤šà¥‡ से कà¥à¤› पूछने पर वह उसका जवाब नहीं दे सकता है, पर दौरा खतà¥à¤® होते ही वह à¤à¤•दम सामानà¥à¤¯ हो जाता है। अकà¥à¤¸à¤° ये दौरे दिन में कई बार पड़ सकते है। यह जरूरी है कि जिन बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ को à¤à¤¸à¤¾ होता है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनके माता-पिता धà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• निरीकà¥à¤·à¤£ करें और जितनी बार à¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ दौरे आते हों उसका नियमित रिकारà¥à¤¡ रख डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बतलायें।
पेशी अवमोटनी मिरà¥à¤—ी (Myoclonic Epilepsy)
इस दौरान मांसपेशियों में खिंचाव अचानक कà¥à¤› कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के लिठहोता है। यह खिंचाव हलà¥à¤•ा à¤à¥€ हो सकता है और जोर से à¤à¥€ हो सकता है। यह शरीर के किसी à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ में ही सीमित रह सकता है या इतना जबरà¥à¤¦à¤¸à¥à¤¤ à¤à¥€ हो सकता है कि बचà¥à¤šà¤¾ अचानक से à¤à¤Ÿà¤•ा खाकर गिर जाये। यह आमतौर से सà¥à¤¬à¤¹ में सोकर उठने के बाद होता है और चीजें हाथों से छूट कर जैसे टूथ बà¥à¤°à¤¶ आदि गिरने लगते हैं।
आतानी मिरà¥à¤—ी या डà¥à¤°à¤¾à¤ª अटैक (Atonic or Drop Attacks)
माà¤à¤¸ पेशियों के टोन (तनाव) में अचानक कमी के कारण बचà¥à¤šà¤¾ गिर जाता है। कà¥à¤› सेकेणà¥à¤¡à¥‹à¤‚ से à¤à¤• मिनट के अनà¥à¤¦à¤° ही वह फिर सामानà¥à¤¯ हो कर चलने-फिरने लगता है। यदि किसी बचà¥à¤šà¥‡ को इस तरह के दौरे बहà¥à¤¤ अधिक आते हों तो यह जरूरी है कि उसके सिर को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने के लिये बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤› (हेलमेट आदि) पहनाया जाये। अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤¸à¥‡ दौरों को शारीरिक कमजोरी का à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ मान कर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया जाता है।
सरल आंशिक मिरà¥à¤—ी ( Simple Partial Epilepsy)
इसके दौरान शरीर के किसी à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ जैसे उंगली, अंगूठा या किसी à¤à¥€ à¤à¤¾à¤— में à¤à¤Ÿà¤•े आते हैं। बचà¥à¤šà¤¾ जगा रहता है और उसे इसका à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ à¤à¥€ रहता है, पर चाह कर à¤à¥€ वह इसे रोक नहीं सकता। यदि यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक रह जाये तो शरीर के अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤—ों में फैलकर बड़ी मिरà¥à¤—ी का रूप à¤à¥€ ले सकता है। à¤à¤• अनà¥à¤¯ तरह की सरल आमà¥à¤¶à¤¿à¤• मिरà¥à¤—ी में à¤à¤Ÿà¤•े नहीं लगेगें और बाहर से देखने वाले को जलà¥à¤¦à¥€ से पता à¤à¥€ नहीं चल पाता है, पर बचà¥à¤šà¤¾ यदि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने लायक उमà¥à¤° का हो तो वह शिकायत कर सकता है कि जैसे वह कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ देख या सà¥à¤¨ पा रहा है जो दूसरों को दिखाई या सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ न देता हो। उसे अचानक à¤à¤¯ à¤à¥€ लग सकता है, गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आ सकता है या बिना वजह खà¥à¤¶ नजर आने लगता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ कोई बचà¥à¤šà¤¾ अजीब सी महक की शिकायत कर सकता है तो दूसरों को पेट में अजीब सा महसूस हो सकता है, उलà¥à¤Ÿà¥€ करने जैसा लग सकता है। बचà¥à¤šà¤¾ कà¥à¤› विà¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ सा लग सकता है और थोड़ी देर बाद सोना चाह सकता है। उसे दोरे के दौरान जो हो रहा है उसकी याददाशà¥à¤¤ नहीं रहती है। पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ इन दौरों को à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ की बदमाशी समठकर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया जाता है।
शिशॠà¤à¤‚ठन (Infantile Spasm)
तीन महीने से तीन वरà¥à¤· के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में यह अकà¥à¤¸à¤° देखने को मिलता है। अकà¥à¤¸à¤° इस दौरान यदि बचà¥à¤šà¤¾ बैठा है तो उसका सिर आगे की तरफ à¤à¥‚क जायेगा, और दोनों हाथ आगे की तरफ निकल जाते हैं लगेगा जैसे वह सलाम कर रहा है। यदि सोया है तो घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ अचानक ऊपर की तरफ मà¥à¤¡à¤¼ जाते हैं हाथ और सिर आगे की तरफ à¤à¥à¤• जाते हैं। अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤¸à¥‡ दौरे à¤à¤• बार शà¥à¤°à¥‚ होने पर कà¥à¤›-कà¥à¤› अनà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤² पर बार-बार होते रहते हैं। और यह जरूरी हो जाता है कि चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ ली जाये।
यह जरूरी है कि जब à¤à¥€ अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• को जरा à¤à¥€ शक हो तो किसी सकà¥à¤·à¤® चिकितà¥à¤¸à¤• से जरूर सलाह करें। कई बार चिकितà¥à¤¸à¤•ों के लिये à¤à¥€ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ कर पाना समà¥à¤à¤µ नहीं होता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे बचà¥à¤šà¥‡ को हर समय नहीं देख पाते हैं। अतः यदि आपको लगता है कि उलà¥à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£à¤¾à¤¦à¤¿ बचà¥à¤šà¥‡ में बार-बार दिखाई दे रहे हैं तो आप उसे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से नोट करें और अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बतलाà¤à¤‚। यह बात इसलिठà¤à¥€ जरूरी है कि मिरà¥à¤—ी के अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार की अलग-अलग दवा होती है, और चिकितà¥à¤¸à¤• मिरà¥à¤—ी का पà¥à¤°à¤•ार उसी समय जान जायेगा जब आप उसकी सही जानकारी देंगे।
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